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Tuesday, July 9, 2013

                वृक्षों का कटान रोकना जरूरी      ए.एस. विज्ञानाचार्य

गोविंद मठ आश्रम में पौधारोपण कार्यक्रम
पेड़ों का कटान नहीं रोका तो मानव सभ्यता खतरे में

वृंदावन (2010.08.20) : सद् भावना पखवाड़े के अंतर्गत नेहरू युवा केंद्र द्वारा कैमारवन स्थित गोविंद मठ आश्रम में शुक्रवार को पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस दौरान कदंब के पौधे लगाए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद सीडीओ अजय शंकर पांडेय ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वृक्ष विश्व की धरोहर है । इनसे ही हमें प्राणवायु आक्सीजन प्राप्त होती है ।

वर्तमान में इनका कटान बहुत तेजी से जारी है । अगर इसे नहीं रोका गया तो मानव सभ्यता खतरे में पड़ जाएगी । नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक गोपाल भगत ने कहा कि राजीव गांधी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में यह सद् भावना दिवस १५ दिन तक मनाया जाता है ।

इस सद् भावना पखवाड़े का उद्घाटन पौधारोपण से किया गया है । उन्होंने कहा कि लगभग पूरे जिले में सैकड़ों पौधे लगाने का हमारा संकल्प है । इसके अंतर्गत शुक्रवार को पचास कदंब पौधे वृंदावन में लगाए गए हैं। स्वयंसेवकों ने आश्रमों में जगह-जगह पौधारोपण किया।

कार्यक्रम में महंत एएस विज्ञानाचार्य, वृषभान गोस्वामी, उमेश चंद्र शर्मा, विजयलक्ष्मी यादव, मुनेंद्र कुमार, लोकेश शर्मा, ऊषा चौधरी, सीमा शर्मा, पूजा शर्मा, मनीषा शर्मा, आदि लोग उपस्थित थे ।।


"प्रकृति अपने स्वत: स्फूर्त नियमों से चल रही है"- स्वामी विज्ञानाचार्य

 जब प्रकृति अपना संतुलन बनाती है,तो मानव को आपदा का सामना करना पड़ता है। स्वामी विज्ञानाचार्य
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 मथुरा, वृंदावन: गोविंद मठ विज्ञान आश्रम में शुक्रवार को उत्तराखंड आपदा में मारे गये लोगों की आत्मा की शांति के लिये हवन-यज्ञ किया गया। स्वामी विज्ञानाचार्य ने कहा कि प्रकृति अपने स्वत: स्फूर्त नियमों से चल रही है। मानव प्रकृति के साथ अज्ञानतावश छेड़छाड़ करता है, जब प्रकृति अपना संतुलन बनाती है तो मानव को आपदा का सामना करना पड़ता है।
इसमें प्रकृति की गलती नहीं है। सारी भूल मानव समाज की है, जिसने प्रकृति के नियमों की अनदेखी करके या अज्ञानता के कारण प्रकृति का दोहन करने की कोशिश की है। राज्यसभा सदस्य दर्शन सिंह यादव ने पर्यावरण पर बोलते हुये प्लास्टिक के प्रयोग को जहर के समान बताया। प्रदूषण को कैंसर के लिये जिम्मेदार करार दिया।
इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के अध्यक्ष जयकृष्ण दास, राकेश यादव, रमेश सिसौदिया, हरेश ठेनुआ, अनंत कुमार, विजय, अजय शर्मा, मुनींद्र यादव, सपा नेता डॉ. अशोक अग्रवाल, सपा जिला सचिव आरबी चौधरी, डॉ.संजय कुमार, रामदत्त मिश्र, प्रेमनारायण आदि मौजूद रहे।
राज्यसभा में उठायेंगे मुद्दा सांसद 

सांसद बाबू दर्शन सिंह यादव

प्रकृति के साथ हो रही देशभर में छेड़छाड़ के मामले को सांसद बाबू दर्शन सिंह यादव राज्यसभा में उठायेंगे। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुये कहा कि यमुना तटों तथा यमुना किनारे बसे लोगों को हटा देना चाहिये। पानी को रोकने के लिये बांध नहीं बनाने चाहिये, क्योंकि पानी को रोका नहीं जा सकता है। अगर रोकने के प्रयास करेंगे तो उसका नतीजा भुगतना होगा। प्रकृति से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

भारतीय संस्कति एवं दशZन का वैज्ञानिक विश्लेशण करने में साधनारत है ए.एस.विज्ञानाचार्य जी महाराज

मानवता देवत्व की जननी है ए.एस.विज्ञानाचार्य जी महाराज

 दिव्य योग एंव चेतना बोध प्रशिक्षिण शिविर का आयोजन दिनांक 25और 26सितम्वर 2010 शनिवार और रविवार को प्र:ता 7 से 10 तक के ब्लाक हनुमान मन्दिर संगम विहार नई दिल्ली में स्वामी ए.एस.विज्ञानाचार्य जी महाराज की अनुकम्प से सत्याचार्य जी महाराज गोविन्द मठ दावानल कुण्ड परि—मा मार्ग वृृन्दावन मथुरा द्वारा शिविर का आयोजन डंा.एस.सी.एल.गुप्ता विधायक संगम विहार द्वारा किया जयेगा दिव्य योग एंव चेतना बोद्य प्रशिक्षिण शिविर के प्रणेता स्वामी ए.एस.विज्ञानाचार्य जी महाराज जो विगत 12 सालो से गोविन्द मठ वृृन्दावन मे भारतीय संस्कति एवं दशZन का वैज्ञानिक विश्लेशण करने में साधनारत है । मनव की दिव्य आत्म-शक्ति को जाग्रत करके मानवता की समृि˜ करना चेतना बोघ का आघार है। प्रबल पुरूशार्थमयी वैचारिक क्रन्ति द्वारा ही इस अज्ञानमय आवरण को हटाया जा सकता है। जिसके भारतीय दशZन मिलेगा और उससे दिव्य चेतना का बोघ होगा।
दिव्य योग एंव चेतना बोध प्रशिक्षिण शिविर का आयोजन । विज्ञानाचार्य जी विगत12 सालो से वृृन्दावन मे साधनारत है। भारतीय संस्कति एवं दशZन का वैज्ञानिक विश्लेशण  करने में साधनारत है स्वामी ए ़एस.विज्ञानाचार्य जी दिव्य-योग एंव चेतना-बोध के चार सोपान स्वाघ्याय,सत्संग,आघ्याित्मक,साधना और समाज सेवा।
मानवता देवत्व की जननी है। सम्पूर्ण सद्रगुण और सद्रकर्म,जिनसे मानव मात्र का कल्याण होता है,मानवता में सिन्नहित हेै। अज्ञान सम्पूर्ण दुरवों का कारण है। ज्ञान के द्वारा अज्ञान को दूर करके मानव ‘ाान्ति प्राप्त करता है। ‘ाुद्व अन्त करण में ही ज्ञान प्रतिबििम्बत होता है। सम्पूर्ण कर्मों को निश्काम भाव से लोक हित में समप्रिZत करने पर अन्त करण ‘ाुद्व हो जाता है। ज्ञान,कर्म और प्रेम के रहस्यों को तत्व से जानकर परमार्थ के लिए पुरूशार्थ करने वाले व्यक्ति में मानवता का नित्यवास को होता हैं।
दिव्य योग एंव चेतना बोध प्रशिक्षिण शिविरो द्वारा वैचारिक क्रन्ति के साथ साथ व्यक्ति के विकास के लिए उसे ‘ाारीरिक,मानसिक,बौद्विक,नैतिक एंव आघ्याित्मत स्तर पर प्रशिक्षित किया जायेगा। चेतना बोद्य के लिए व्यक्ति को ‘ाुद्व संस्कारों से आपूरित एवं आवेशित किया जायेगा। इसके लिए विचार,चरित्र और व्यव्हार की ‘ाुद्वि आवश्यक है। स्वाघ्याय,सत्संग,विशेश आघ्याित्मक साधना और समाज सेवा से कार्य कुशलता और बौद्विक कुशाग्राता को बौद्विक कुशाग्रता को बढाकर मानव में सफलता प्राप्त करना चेतना बोध शिविरो का उद्देुशय है। व्यक्ति और समाज में निर्भयता,कर्तव्य परायणता,सत्य और न्याय का पौशण,समरसता,प्रेम,सह अस्तित्व तथा स्वस्थ परम्पराओं की स्थापना चेतना बोध से ही सम्भव है।
Kavi  Hardayal Kushwaha

धर्म और संस्कृति उत्कर्ष विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मंचासीन अतिथि विज्ञानाचार्य महाराज

 विधवा, नदी, पर्यावरण, असंवेदन समस्याओं  पर मंथन कर चलेगा जागरूक अभियान

                                  

धर्म और संस्कृति उत्कर्ष विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मंचासीन अतिथि विज्ञानाचार्य महाराज
वृन्दावन। श्रीकृष्ण ज्ञान विज्ञान संस्थान के तत्वाधान में गोविन्द मठ कैमारवन में धर्म और संस्कृति उत्कर्ष विषय संगोष्ठी का आयोजन आचार्य स्वामी एएस विज्ञानाचार्य महाराज की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर मुख्यातिथि न्यायमूर्ति रविन्द्र सिंह ने कहा कि धर्म सत्य पर आधारित होता है तथा जो धर्म सत्य पर आधारित नहीं है वह मानव धर्म नहीं हो सकता। उन्होंने श्रोताओं व संस्थान के सदस्यों का आव्हान करते हुये कहा कि आज के परिवेश में धर्म और संस्कृत के उत्कर्ष के लिए पूरे मनोयोग से लगें एवं जन जागरण करें जिससे एक अच्छी पीडी का निर्माण हो सके। श्रीकृष्ण ज्ञान विज्ञान संस्थान के सचिव अनंत कुमार यादव ने संस्थान के इतिहास और हर उद्देश्यों को रखते हुये कहा कि धर्म और संस्कृति में बहुत सारी कमियां विसंगतियां उत्पन्न हो गयीं हैं जिसे दूर करने के लिए संस्था और सभी के सहयोग से जन जागरूकता अभियान चलायेगी। उन्होंने कहा कि विधवाओं की समस्या, नदी प्रदूषण, पर्यावरण की समस्या एवं असंवेदन शीलता की समस्या आदि पर भी संस्थान में व्यापक मंथन कर समाज में जागरूकता लायेगी। 
 

                           धर्म सत्य पर आधारित होता है- न्यायमूर्ति रविन्द्र सिंह

 
इस अवसर पर लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव विजय यादव, पूर्व सचिव अशोक यादव, हरिनाथ सिंह कमिश्नर सेल्स टेक्स, सर्वेशचंद परियोजना निदेशक फिरोजाबाद, लाल बहादुर जिला जज, देवेश यादव उप निदेशक फार्म सोसायटी चिट्स मेरठ, लाल बहादुर कृषि अधिकारी मेरठ, अशोक यादव, अनन्त यादव श्रीकृष्ण वाहिनी प्रदेश अध्यक्ष, विजय यादव, अजय शर्मा, फूलसिंह एडवोकेट, पप्पू यादव प्रधान, रमन यादव एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट आदि ने भी विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर सपा छात्रसभा उपाध्यक्ष मुनीन्द्र कुमार, सतीश यादव, कुम्भकरण यादव, बाल मुकुन्द शास्त्री, मूलचंद दास, सियाराम शर्मा, प्रेम नारायण, संत रामानंद दास आदि उपस्थित रहे।